जयपुर, 12 जुलाई 2025 — राजधानी जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा की गई जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेडीए आयुक्त आनंदी के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने पाया कि जिन 15 निर्माणाधीन इमारतों की जांच की गई, उनमें से आधे से अधिक बिना स्वीकृति या अनुमोदित मानचित्रों के विपरीत निर्मित हैं।
जांच की यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में प्रारंभ हुई थी, जिसका नेतृत्व जोन-4 के उपायुक्त द्वारा किया गया। टीम में वरिष्ठ नगर नियोजक, कनिष्ठ अभियंता, तहसीलदार और पटवारी भी शामिल थे।
मुख्य खुलासे और इमारतवार अनियमितताएं:
1. हॉप अप गेमिंग जोन (टोंक रोड से स्टेट हैंगर मार्ग पर)
- चार मंजिला निर्माण, तीसरी मंजिल पर अनधिकृत कार्य
- JDA से कोई स्वीकृति नहीं
- सब-लीज पर दी गई भूमि पर हुआ निर्माण
2. RJ-14 रेस्टोरेंट और बेंक्वेट हॉल
- बिना स्वीकृति रेस्टोरेंट और बेंक्वेट हॉल का संचालन
- नियमानुसार पार्किंग की व्यवस्था नहीं
- सेटबैक एरिया में अवैध निर्माण
3. इम्पीरियल क्लब (टर्मिनल-2 के सामने)
- पूर्व अनुमोदन होटल के नाम पर, पर मौके पर क्लब का निर्माण
- संशोधित नक्शा बाद में प्रस्तुत, बिना अनुमति निर्माण शुरू
- अब इसे व्यावसायिक श्रेणी में माना गया
4. सात मंजिला होटल (रामप्रकाश गंभीर)
- फायर एस्केप सीढ़ियां तीनों ओर से ढकी गईं, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
- मंजूरी से अधिक ऊंचाई पर निर्माण
- पास की भूमि को बिना अनुमति जोड़कर निर्माण
5. छह मंजिला होटल (साथ वाला भूखंड)
- समान चारदीवारी में अवैध पुनर्गठन
- एक ही गेट से दोनों होटल्स का प्रवेश
- नक्शे के विपरीत स्टील स्ट्रक्चर
6. सात मंजिला होटल (जवाहर सर्किल मार्ग)
- भू स्वामी: विनोद विजयवर्गीय
- स्वीकृत 30 फीट के बजाय सिर्फ 28.5 फीट का फ्रंट सेटबैक
- अवैध छत निर्माण और बेसमेंट में 4.5 मीटर का अतिरिक्त विस्तार
7. व्यावसायिक इमारत (टोंक रोड, मोरानी मोटर्स के सामने)
- मालिक: भगवती देवी व मुन्नी देवी
- बिना अनुमति ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर का निर्माण
- रोड पर 30 फीट क्षेत्र पर भी कब्जा
अब तक की कार्रवाई:
- वेद विहार कॉलोनी में स्थित दो अवैध होटलों को जेडीए द्वारा सील कर दिया गया है।
- अन्य मामलों में भी JDA द्वारा चालान और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
जेडीए आयुक्त आनंदी ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डे के सुरक्षा और वायुमार्ग नियमन के मद्देनज़र इस क्षेत्र में अवैध निर्माण को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर जुर्माना, सीलिंग, और विध्वंस की कार्यवाही की जाएगी।
- एयरपोर्ट ज़ोन के नज़दीक ऐसी अनियमित गतिविधियां न केवल शहर की प्लानिंग को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि हवाई सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं।
- वीवीआईपी मार्गों और संवेदनशील परिधि में ऐसे निर्माण राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंताजनक हैं।




























































































