टोंक, राजस्थान — सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता नरेश मीणा को शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर टोंक एसपी विकास सांगवान ने मीडिया से बातचीत में अहम जानकारी साझा की है।

कोर्ट ने रिहाई के साथ लगाई दो शर्तें

SP विकास सांगवान ने बताया कि नरेश मीणा की रिहाई का आदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी किया गया है, लेकिन उसमें दो अहम शर्तें शामिल हैं:

  1. हर महीने की 25 तारीख को नगर फोर्ट थाने में हाज़िरी देना अनिवार्य होगा।
  2. रिहाई के समय या बाद में किसी भी प्रकार का जुलूस या प्रोसेशन नहीं निकाला जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में नरेश मीणा की लीगल टीम को सूचित कर दिया गया है और उन्होंने कोर्ट की शर्तों पर सहमति भी दे दी है।

पुलिस प्रशासन सतर्क, भारी बंदोबस्त

नरेश मीणा की रिहाई को लेकर पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बरती है। किसी भी प्रकार की अवांछित भीड़ या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए:

  • शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
  • टोंक जेल परिसर के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
  • पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि कोर्ट के निर्देशों की पूरी तरह पालना हो सके।

जुलूस, ना भीड़

नरेश मीणा की टीम ने भी समर्थकों और आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसी भी प्रकार का स्वागत समारोह, फूल-मालाएं या रैली न निकाली जाए।

गौरतलब है कि नरेश मीणा को पिछले कुछ समय से एक आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में रखा गया था। अब जबकि उन्हें जमानत मिल चुकी है, तो यह देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि वे कोर्ट की शर्तों का पालन कैसे करते हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।