
पशु चलाकर लौट रहा था ,तब हुआ हादसा
गोण्डा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्योंदा माझा गांव में तीन दिन पूर्व बुधवार की शाम नदी में डूबे बुजुर्ग के शव का घटना के 60 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।परिजनों ने बताया कि पीएसी की फ्लड टीम के द्वारा शुक्रवार को शव की तलाश के मौके पर नहीं आई।
ब्योंदा माझा गांव के फदिल्लन पुरवा निवासी राम बरन यादव (65)पुत्र बद्री बुधवार के शाम 5:30 बजे गांव के ही द्वारिका और बंशी के साथ पालतू पशुओं को चरा कर घर लौट रहा था। सभी लोग घर पंहुचने के लिए घाघरा नदी पार करने के लिए नदी में उतरे थे। भैंस की पूंछ छूट जाने के कारण राम बरन गहरे पानी में डूब गये थे। जिनकी तलाश के लिए गुरुवार को पुलिस, पीएसी की फ्लड टीम और ग्रामीणों द्वारा दिन भर सर्च आपरेशन चलाया गया लेकिन शव का कोई पता नहीं चला।रामबरन के भतीजे सर्वजीत ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस और पीएससी की फ्लड टीम द्वारा शव की खोज करने नहीं आई। परिजन और गांव के लोग निजी मोटरबोट से रामबरन के शव की तलाश में सरयू में अयोध्या तक गये थे लेकिन पर शव नहीं दिखा। वहीं तीसरे दिन भी राम बरन का शव नहीं मिलने से परिजनों को मन में शव को लेकर तमाम आशंकाये जन्म ले रही हैं। शुक्रवार को कोई भी सरकारी मुलाजिम पीड़ित के दरवाजे तक झांकने नहीं आया। थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि किसी स्थान पर चले जाने के कारण पीएससी बयौदा मांझा नहीं जा पाई। अब लोग को शव के पानी में फूल कर उतराने की आस लगाए हैं।





























































































