
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की 2025-26 के लिए वार्षिक रणनीतिक समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक की अध्यक्षता की। देशभर के सभी 32 बीएसएनएल सर्किलों के मुख्य महाप्रबंधक इस बैठक में शामिल हुए। संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी भी मौजूद रहे।
नई दिल्ली, (28 जुलाई 2025) केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की रणनीतिक समीक्षा और योजना बैठक 2025–26 की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी भी उपस्थित रहे। देशभर के सभी 32 बीएसएनएल सर्किलों के मुख्य महाप्रबंधक इस बैठक में शामिल हुए। यह सत्र बीएसएनएल की आगामी वित्तीय वर्ष की रणनीतिक दिशा तय करने हेतु आयोजित किया गया था, जिसमें मंत्री ने प्रत्येक सर्किल के प्रदर्शन और व्यवसाय योजनाओं की गहराई से समीक्षा की।
वित्तीय पुनरुत्थान और संगठनात्मक एकता का उदाहरण।
बीएसएनएल ने दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उल्लेखनीय प्रगति की है। लगातार दो तिमाहियों में लाभ अर्जित कर, तीसरी तिमाही में ₹262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ बीएसएनएल ने 18 वर्षों में पहली बार लगातार लाभ दर्ज किया है। मंत्री ने इस गति को बनाए रखने और दीर्घकालिक स्थायी विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वित्त वर्ष 2024–25 में बीएसएनएल का एबिटा ₹5,396 करोड़ तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2023–24 में ₹2,164 करोड़ था। एबिटा मार्जिन भी 10.15% से बढ़कर 23.01% हो गया। मंत्री सिंधिया ने इस बात पर बल दिया कि एक ही वित्तीय वर्ष में अभूतपूर्व पूंजीगत व्यय के साथ बीएसएनएल ने नेटवर्क विस्तार, आधुनिकीकरण, ग्राहक वृद्धि और “संपूर्ण संगठन आधारित” दृष्टिकोण को अपनाया है, जिससे इसे एक उच्च-प्रदर्शन वाला सार्वजनिक क्षेत्र का टेलीकॉम उपक्रम बनाया जा रहा है। पहली बार, सभी 32 मुख्य महाप्रबंधक को सीधे 12 घंटे की रणनीतिक चर्चा में मंत्री ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आप केवल एक मुख्य महाप्रबंधक नहीं हैं, बल्कि अपने-अपने सर्किल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं।”
क्षेत्रीय मामले का अध्ययन (केस स्टडी) और समीक्षा तंत्र।
मंत्री ने महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे उच्च-प्रदर्शन वाले सर्किलों से अगली तिमाही समीक्षा के लिए 15 मिनट की केस स्टडीज़ प्रस्तुत करने को कहा। मासिक प्रगति की निगरानी संचार राज्य मंत्री द्वारा की जाएगी, जबकि त्रैमासिक समीक्षा की अध्यक्षता स्वयं संचार मंत्री करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्रीय नवाचार और नेतृत्व की रणनीतियाँ साझा की जाएंगी, जिन्हें पूरे संगठन में दोहराया जा सकेगा।
सेवा गुणवत्ता और उपभोक्ता विश्वास पर विशेष बल।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दोहराया कि बीएसएनएल की संचालन रणनीति में सेवा गुणवत्ता (QoS) और ग्राहक संबंध प्रबंधन को केंद्रीय स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि आप सेवा गुणवत्ता सुधारेंगे, तो ग्राहक अपने आप आएंगे। हर रणनीतिक योजना में सेवा गुणवत्ता में मापनीय सुधार और उपभोक्ता के विश्वास को मजबूत करना मुख्य होना चाहिए।
”भारत की टेलीकॉम और डिजिटल क्रांति का नेतृत्व।
यह रणनीतिक समीक्षा और योजना बैठक संचालन उत्कृष्टता, वित्तीय अनुशासन और ज़मीनी नेतृत्व पर केंद्रित नए प्रयासों की नींव है। मंत्री ने कहा, “यह एक बेहद उपयोगी और संवादात्मक अभ्यास रहा है। हम बीएसएनएल को सशक्त बना रहे हैं और प्रधानमंत्री के उस संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जिसमें भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के खिलाड़ी को टेलीकॉम और डिजिटलीकरण की कहानी में एक मज़बूत भागीदार बनाना है।”





























































































