

महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ एवं एमडी, डॉ. अनीश शाहने कहा “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, जमीनी स्तर पर भारतीय कृषि को बदलने की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज छह वर्ष की अवधि के लिए “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” को स्वीकृति दे दी। यह योजना 2025-26 से 100 ज़िलों में लागू होगी। नीति आयोग के आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम से प्रेरित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित पहली विशिष्ट योजना है।
इस योजना पर खुशी जाहिर करते हुए महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ एवं एमडी, डॉ. अनीश शाह ने कहा “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, जमीनी स्तर पर भारतीय कृषि को बदलने की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है। 100 जिलों पर लक्षित समर्थन और विभिन्न योजनाओं के समन्वय के माध्यम से, इस पहल में ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और स्थायी प्रथाओं को अपनाने में तेज़ी लाने की क्षमता है। महिंद्रा में, हम कृषि उपकरणों, कृषि-तकनीकी नवाचारों और ग्रामीण वित्तपोषण में अपने कार्यों के माध्यम से इस राष्ट्रीय मिशन में भागीदारी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं ताकि किसानों को उत्पादकता बढ़ाने, लचीलापन बनाने और कृषि मूल्य श्रृंखला में मूल्य सृजन में मदद मिल सके। यह कृषि में आत्मनिर्भरता और समावेशी ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में बढ़ोत्तरी, फसल विविधीकरण और संधारणीय कृषि पद्धतियों को अपनाना, कटाई के बाद पंचायत और प्रखंड स्तर पर भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई सुविधा में सुधार और दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक ऋण उपलब्धता सुगम बनाना है। यह 2025-26 के केंद्रीय बजट में “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” के अंतर्गत 100 ज़िले विकसित किये जाने की घोषणा के अनुरूप है। योजना का क्रियान्वयन 11 विभागों की 36 मौजूदा योजनाओं, राज्यों की अन्य योजनाओं और निजी क्षेत्र की स्थानीय भागीदारी में किया जाएगा।





























































































