नई दिल्ली। भारत 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, “विकसित भारत” के दृष्टिकोण के साथ यह जरूरी हो गया है कि हम अपनी आर्थिक रणनीतियों को पुनः परिभाषित करें, प्रमुख विकास क्षेत्रों की पहचान करें, और ऐसी तकनीकी नवाचारों को अपनाएं जो हमारे भविष्य को आकार देंगे।

इसी राष्ट्रीय दृष्टिकोण के तहत, समृद्धि कॉन्क्लेव 2025 लोन और बिज़ एक्सपो एक उत्प्रेरक मंच के रूप में सामने आ रहा है, जो 1 से 3 अगस्त 2025 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह कॉन्क्लेव वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता को नया जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।

संयुक्त रूप से पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, केकेजीए पार एक्सीलेंस प्रा. लिमिटेड, सागा, कैट, अखिल भारतीय उद्योग संघए, हाउस ऑफ एमएलएमसी, मिर्ची एफएम रेडियो, और ग्राफिसैड्स द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य है। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, विकास पूंजी को खोलते हुए बढ़ावा देना, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और युवा नवाचारियों के लिए नए अवसर बनाना।

इस कॉन्क्लेव में सार्वजनिक बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCS( फिनटेक कंपनियाँ, व्यापार समाधान प्रदाता, नीति निर्माता, इनक्यूबेटर और उद्यमीएक ही मंच पर वित्त पोषण, मेंटरशिप, नेटवर्किंग, सहयोग के नए आयाम देते हुए शामिल होंगे।इस आयोजन में सरकारी वित्तीय दृष्टिकोण, फाइनेंसिंग मॉडल में नवाचार, उधारदाताओं और उधारकर्ताओं को जोड़ने में तकनीक की भूमिका, लोन एक्सपो पवेलियन में अग्रणी ऋणदाताओं के साथ सीधी बातचीत, प्लैनेट स्टार्टअप और एमएसएमई नवाचार, सेवाएं, उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ साथ कॉन्क्लेव सेशंस, कानूनी, डिजिटल और वित्तीय विकास पर विशेषज्ञों द्वारानीति संवाद, शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विचारकों के साथ पैनल चर्चा एवं B2B & B2G मीटिंग्स उद्योग विशेषज्ञों और सार्वजनिक क्षेत्र के नेताओं के साथ चर्चाएं होंगी।

बताया गया कि इस आयोजन में लगभग दो सौ से ज्यादा प्रदर्शक और लगभग 60 हजार से अधिक आगंतुकों की अनुमानित भीड़ रहने वाली है। यह कार्यक्रम भारत के वित्तीय और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ बनने जा रहा है।

समन्वय समिति के चेयरमैन डॉ. राजीव दुबे के अनुसार “समृद्धि सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है जो हर उस उद्यमी को आर्थिक सशक्तिकरण देने के लिए है जिसके पास सपना है, पर संसाधन नहीं।” समृद्धि कॉन्क्लेव 2025 एक अनोखा अवसर प्रदान करता है, जहाँ वे बड़े पैमाने पर लघु एवं माध्यम श्रेणी के उद्योगों से सीधे जुड़ सकते हैं और अपने लोन वितरण लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।