जयपुर।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले बोले। उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि ऐसी क्या परिस्थितियां बन गईं कि उन्हें कार्यकाल के बीच में ही पद से हटना पड़ा? यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है और इस बात का प्रमाण है कि देश में तानाशाही तरीके से सरकार चलाई जा रही है।
डबल इंजन सरकार पर सीधा आरोप
डोटासरा ने कहा कि यह डबल इंजन की सरकार संविधान की मर्यादाओं को नहीं मानती। जब तक कोई व्यक्ति उनके अनुसार कार्य करता है, उसे पदों पर बनाए रखते हैं, और जब विरोध करे तो बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। उन्होंने इस शासन प्रणाली को ‘तानाशाही मानसिकता’ करार दिया।
राजस्थान भाजपा में नेतृत्व संकट
भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए डोटासरा ने कहा कि राजस्थान भाजपा में वर्षों से काम करने वाले नेता जैसे राजेन्द्र राठौड़, सतीश पूनिया, सीपी जोशी और वसुंधरा राजे जैसे नाम रहे हैं, लेकिन इन सभी में से किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। उन्होंने पूछा कि वसुंधरा राजे में क्या कमी रह गई, जो उन्हें दरकिनार कर दिया गया?
मंत्री अविनाश गहलोत को घेरा
प्रदेश सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत की हालिया बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए डोटासरा ने कहा कि वे होते कौन हैं पंचायतीराज और निकाय चुनावों पर टिप्पणी करने वाले? यह लोकतंत्र है, किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है।
वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक असफलता के आरोप
डोटासरा ने प्रदेश सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के कार्यकाल में बने विकास कार्यों और सड़कों के भुगतान तक नहीं कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि दिसम्बर के बाद ऐसी स्थिति बन सकती है कि सरकार कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ हो जाएगी।
जयपुर की दुर्दशा – “सर्कस चल रहा है सरकार नहीं”
डोटासरा ने जयपुर के हालात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि राजधानी के एक मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ खुद सड़क के गड्ढे भर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की असफलता करार देते हुए कहा – “प्रदेश में सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है।”
चर्चा के लिए तैयार, लेकिन डेढ़ साल से चुप्पी क्यों?
डोटासरा ने यह भी कहा कि वे हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं, लेकिन सवाल यह है कि पिछले डेढ़ साल से सरकार और भाजपा ने चुप्पी क्यों साध रखी थी?






















































































































