जयपुर: राजस्थान में सक्रिय मानसून ने जल स्रोतों को संजीवनी दी है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश से बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में प्रदेश के बांधों में कुल भराव क्षमता का 62.66 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो पिछले साल की तुलना में 15 जुलाई से अब तक 27.24 प्रतिशत अधिक है।

24 घंटे में 90.36 MQM पानी की आवक

पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के बांधों में 90.36 मिलियन क्यूबिक मीटर (MQM) पानी की आवक दर्ज की गई है। अब तक मानसून के इस सीजन में 19.32 प्रतिशत पानी बांधों में आया है

107 बांध लबालब, 405 आंशिक रूप से भरे

राज्य में अब तक 107 बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 405 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं। यह आंकड़े राज्य के जल संसाधनों में सुधार का संकेत दे रहे हैं, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।


संभागवार बांधों की स्थिति:

संभागकुल भराव क्षमता (%)
कोटा82.24%
बांसवाड़ा62.31%
जयपुर61.58%
उदयपुर39.52%
भरतपुर49.82%
जोधपुर27.10%

जयपुर के 7 बांध हुए लबालब:

जयपुर जिले में भी मानसून का खासा असर देखने को मिल रहा है। यहां सात प्रमुख बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जिनमें—

  • कानोता बांध: 14.130 MQM
  • बांदोलाव नरेना बांध: 1.380 MQM
  • खेजड़ी बांध: 2.803 MQM
  • शील की डूंगरी: 4.168 MQM
  • चंदलाई बांध: 2.040 MQM
  • रामचंद्रपुरा बांध: 2.44 मीटर
  • शिव की डूंगरी बांध: 2.710 MQM
  • गूलर बांध: 3.96 मीटर

क्या कहता है जल संसाधन विभाग?

जल संसाधन विभाग का कहना है कि यदि बारिश की यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले सप्ताहों में लबालब बांधों की संख्या और बढ़ सकती है। विभाग की टीमें लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर नियंत्रित जल निकासी की जा सके।