ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं के माध्यम से दी जा रही जागरूकता, जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देश पर उठाया गया कदम

जयपुर, 25 जुलाई 2025।
राज्य सरकार द्वारा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को समयबद्ध रूप से जारी करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जयपुर जिले की पंचायत समिति चाकसू में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंचायत समिति क्षेत्र के अधीन सभी रजिस्ट्रार और उप रजिस्ट्रार ने भाग लिया।

कार्यशाला में सहायक निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, डॉ. सुदीप कुमावत ने स्पष्ट किया कि जन्म और मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सात दिनों के भीतर पूर्ण करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किए गए नए संशोधनों के तहत यदि रजिस्ट्रार सात दिवस में प्रमाण पत्र जारी नहीं करता, तो उस पर ₹250 का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अगर किसी संस्था द्वारा समय पर जन्म या मृत्यु की सूचना नहीं दी जाती है, तो ₹1000 का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

प्रमुख बदलावों पर एक नजर:

  • जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 में संशोधन कर दंड का प्रावधान जोड़ा गया है।
  • प्रमाण पत्र जारी करने की अधिकतम सीमा: 7 दिन।
  • समयसीमा का उल्लंघन करने पर रजिस्ट्रार पर ₹250 और सूचना न देने वाली संस्था पर ₹1000 का जुर्माना।
  • समस्या की स्थिति में आमजन जिला रजिस्ट्रार या मुख्य रजिस्ट्रार से कर सकते हैं अपील।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम में भी शामिल

सरकार ने इस प्रक्रिया को राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया है। अब यह सेवा भी नियमित निगरानी और समीक्षा के दायरे में है। मुख्य सचिव स्तर पर इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है।

कार्यशाला के दौरान सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता (कलेक्ट्रेट जयपुर) ने रजिस्ट्रारों को जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों की विस्तार से जानकारी दी और现场 पर ही कई समस्याओं का समाधान किया।

इस अवसर पर बीएसओ राजकुमार महेन्द्रा, सांख्यिकी निरीक्षक राजेश कुमार मीणा, संगणक अल्पना साहू, और वरिष्ठ सहायक जितेंद्र जाजोरिया सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

उद्देश्य: आमजन को समय पर सेवाएं और पारदर्शिता

इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन को बिना विलंब प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है ताकि शासकीय योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य आवश्यक कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में अन्य ब्लॉकों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि पूरे जिले में जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।