जयपुर, 27 जुलाई — झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की मौत के कुछ घंटों बाद ही राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से स्वागत होना अब विवाद का विषय बन गया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो जैसे ही प्रसारित हुआ, मंत्री ने अपनी सफाई में एक वीडियो संदेश जारी किया।
मदन दिलावर ने बताया कि वह भरतपुर में आदिवासी बच्चों के छात्रावास के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जहां पारंपरिक ढंग से उनका स्वागत किया जा रहा था। मंत्री का कहना है कि उन्होंने जैसे ही ढोल-नगाड़े देखे, तुरंत उन्हें रुकवाया और फूलों की वर्षा भी बंद करवाई। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले 36 वर्षों से माला नहीं पहनते और जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर नहीं बन जाता, वह माला नहीं पहनेंगे।
हालांकि, कार्यक्रम का जो वीडियो सामने आया है, उसमें मंत्री को स्वागत रोकते हुए नहीं देखा गया, जिससे उनके दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस तरह की दर्दनाक घटना के बाद एक संवेदनशील मंत्री का पहला कर्तव्य शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ा होना होना चाहिए था, न कि किसी स्वागत समारोह में शामिल होना।
फिलहाल, इस मुद्दे पर सियासी घमासान जारी है और जनता के बीच भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है।






















































































































