राजस्थान की मशहूर अजमेर शरीफ दरगाह की बिगड़ती हालत को लेकर शनिवार, 26 जुलाई को मुस्लिम नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात की। हाल ही में दरगाह परिसर में खतरे की चेतावनी संबंधी नोटिस लगाए जाने के बाद यह मुद्दा गरमा गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह समिति और सीईओ बिलाल खान पर रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि हाल की बारिश में दरगाह की छत और गुंबद से पानी रिसा, मस्जिदों को नुकसान हुआ और छतें गिरीं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

दरगाह नाजिम द्वारा 21 जुलाई को जारी एक नोटिस में पुराने ढांचों से खतरे की चेतावनी दी गई थी, साथ ही किसी दुर्घटना की स्थिति में प्रशासन को जिम्मेदार न ठहराने की बात भी कही गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने इस नोटिस को असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए राज्यपाल से शिकायत की।

राज्यपाल बागडे ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में अजमेर के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मंगवाएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

दरगाह से जुड़ी इस गंभीर स्थिति को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।