जयपुर, 15 जुलाई: लंबे इंतजार के बाद राजस्थान महिला प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। लगभग 47 दिन के बाद दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें 20 नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई है। इसमें 7 प्रदेश महासचिव और 13 सचिवों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 13 जिलाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है।

अब तक केवल 32 प्रदेश पदाधिकारी घोषित, लक्ष्य 200 का

राजस्थान महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी पौने दो साल से भंग पड़ी थी। अब जब गठन की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो वह भी किश्तों में आगे बढ़ रही है। दो सूचियों में अब तक कुल 32 प्रदेश पदाधिकारी बनाए गए हैं, जिनमें:

  • 9 उपाध्यक्ष
  • 10 महासचिव
  • 13 सचिव शामिल हैं।

वहीं, प्रदेश के 50 जिलों में से अब तक 29 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। यानी 21 जिलों में अभी नियुक्तियां बाकी हैं।

सदस्यता अभियान की धीमी रफ्तार बनी रोड़ा

इस बार कार्यकारिणी में नियुक्ति का मूल आधार सदस्यता अभियान को बनाया गया है। प्रदेश स्तर या जिला अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 100 महिला सदस्यों को जोड़ना अनिवार्य किया गया है। कांग्रेस हाईकमान ने राजस्थान को 52 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन 11 महीने में अब तक केवल 27 हजार महिलाएं ही पार्टी से जुड़ सकी हैं।

धीमी प्रगति के चलते कार्यकारिणी की सूचियां भी छोटी-छोटी किश्तों में जारी हो रही हैं। जब तक सदस्यता संख्या में बढ़ोतरी नहीं होगी, नई नियुक्तियों की रफ्तार भी सुस्त ही रहेगी।

महिला वोट बैंक पर कांग्रेस की नजर

इस पूरी कवायद के पीछे कांग्रेस हाईकमान की रणनीति साफ है — महिला वोट बैंक को मजबूत करना। लोकसभा चुनावों में बीजेपी की जीत में महिला मतदाताओं की भूमिका अहम रही है। कांग्रेस अब उसी आधार पर ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

सदस्यता अभियान के जरिए कांग्रेस पार्टी, महिलाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देकर सक्रिय राजनीति में लाना चाहती है। यही वजह है कि पदों की दौड़ में अब केवल योग्यता नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी और सदस्यता को प्रमुखता दी जा रही है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस का यह “सदस्यता आधारित संगठन विस्तार मॉडल” आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में महिला मतदाताओं को आकर्षित करने में कितना सफल हो पाता है। साथ ही यह भी कि क्या पार्टी अपने तय 200 प्रदेश पदाधिकारियों और 50 जिलाध्यक्षों के लक्ष्य को जल्द पूरा कर पाएगी।